आनंद फिल्म की समीक्षा | Anand movie cast and review in Hindi.

आनंद मूवी की समीक्षा,anand movie cast and review in Hindi

 

आनंद मूवी की कहानी(Anand movie story in hindi)

आनंद फिल्म सन 1971 मे रीलीज़ हुयी थी, इस फिल्म मे अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस फिल्म ने लोगो के दिलो को झकझोर कर रख दिया और ये लोगो के दिलो को छु गयी। इस फिल्म मे राजेश खन्ना ने अपनी शानदार एक्टिंग और अपने शानदार किरदार के कारण लोगो के दिलो पर छा गए।
इस फिल्म मे अमिताभ बच्चन ने एक डॉक्टर का किरदार निभाया जिसका नाम भास्कर था और राजेश खन्ना ने आनंद का किरदार निभाया।

इस फिल्म की कहानी मे राजेश खन्ना यानि आनंद को ट्यूमर होता है जिस कारण से उनके पास जीने के लिए ज्यादा लंबा जीवन नहीं होता है और इस फिल्म अपनी छोटी सी ज़िंदगी मे आनंद(राजेश खन्ना) लोगो को ये सीख दे जाते है की “ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं”।

इस फिल्म मे राजेश खन्ना ने अपने किरदार आनंद के माध्यम से लोगो को जीवन को खुलकर जीने के बारे मे सीखा दिया।

आनंद फिल्म के निर्देशक,निर्माता और अन्य

1. निर्देशक – ऋषिकेश मुखर्जी
2. निर्माता – ऋषिकेश मुखर्जी
                   एन सी सिपसी
3. लेखक –    ऋषिकेश मुखर्जी( मुख्य कहानी)
बिमल दत्ता (पटकथा)
गुलजार ( संवाद)
4. छायाकार- जयवंत पठारे
5. संपादक – ऋषिकेश मुखर्जी

फिल्म के कलाकार और उनके किरदार( Aanand  movie cast)

  • राजेश खन्ना – आनंद
  • अमिताभ बच्चन – डॉ. भास्कर बेनर्जी
  • सुमिता सन्याल – रेणु
  • ललिता पँवार – अस्पताल की मुख्य नर्स
  • रमेश देव – डॉ प्रकाश कुलकर्णी
  • असीत सेन – प्रकाश कुलकर्णी का मरीज वो भी बिना बीमारी के
  • दारा सिंह – पहलवान ( जैसे की नाम से ही पता चलता है)
  • दुर्गा खोटे – रेणु की माता जी
  • जॉनी वोकर – ईसा भाई सूरत से

फिल्म के गीत और गीतकार ( Aanand movie songs list)

  1. जब कही दूर दिन ढल जाए  – गीतकार मुकेश
  2. जिन्दगी कैसी पहेली – गीतकार मुकेश
  3. तेरे लिए ही – गीतकार गुलजार
  4. जिया लागे ना – गीतकार गुलजार और लता मंगेशकर
आनंद मूवी की समीक्षा,anand movie cast and review in Hindi.

 

फिल्म के बारे कुछ खाश बाते ( Facts about Aanand movie)

  • इस फिल्म के एक गीत मे अमिताभ बच्चन के द्वारा बोली गयी एक कविता(मौत तू एक कविता है) को भी शामिल किया गया था ।
  • यह फिल्म सान 1971 मे सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों मे 19वे नंबर पर थी ।
  • इस फिल्म का पूरा बजट(Budget) 30 लाख था ओर भारत मे कुल कमाई(Collection) 1 करोड़ और पूरे संसार मे कुल कमाई 1.70 करोड़ थी।
  • इस फिल्म मे आनंद  और डॉ. भास्कर की भूमिका के लिए अमिताभ और राजेश पहली पसंद नही थे लेकिन बाद मे इन्हे ले लिया गया।
  • आनंद की भूमिका निभाने के लिए सबसे पहले शोमेन राजकपूर जी और  फिर उत्तम कुमार, शशि कपूर, धर्मेंद्र और किशोर कुमार जी के नामों को भी लिस्ट मे शामिल किया गया।
  • इसी फिल्म को शुरू ही इस तरह से किया गया था की लोगो को पहले ही पता चला जाए की अंत मे आनंद की मृत्यु हो जाएगी इसका कारण ये था की लोग फिल्म देखते वक्त ये न सोचे के अंत मे आनंद की मृत्यु होने वाली है या नहीं ।
  • इस फिल्म की दिलचस्प बात ये है की इसे 28 दिनो मे ही पूरा कर लिया गया था ।
  • इस फिल्म के आखरी दृश्य मे जब आनंद की मृत्यु हो जाती है तो फिल्म के किरदार मे अमिताभ बच्चन को फुट फुटकर रोना था, लेकिन अमिताभ इस दृश्य मे आनंद की छाती से लिपटकर हंस रहे थे पर फिल्म देखने वालों को यही लगा की अमिताभ रो रहे है, इस बात का खुलाशा खुद अमिताभ बच्चन ने किया था ।
  • इस फिल्म को करने के बाद ही अमिताभ के करीयर की शुरुआत हुयी थी, जिसके बाद लोग उन्हे जानने लगे थे।

आनंद फिल्म के डायलॉग(anand movie dialogue in hindi)

बाबू मोशाय मै जब तक जिंदा हूँ, तब तक के लिए मै मरा नहीं और जब  मर गया तो साला मै ही नहीं, तो फिर डर किस बात का ।”

” बाबू मोशाय अपनी ज़िंदगी बड़ी है, लेकिन वक्त बहुत कम है, इसे जल्दी-जल्दी जीना पड़ता है,हर काम की जल्दी है।”

“अगर जिंदा रहना जरूरी है, तो आदमी जहां हँसकर रहे, वहीं जिंदा रहना चाहिये।

बाबू मोशाय ज़िंदगी और मौत तो ऊपर वाले के हाथ है, उसे कोई नहीं बदल सकता, हम सब तो ऊपर वाले के रंगमंच की कठपुतलिया है, जिनकी डोर ऊपर वाले की उँगलियो मे बंधी है, कब कौन कैसे उठेगा ये कोई नहीं बता सकता।”

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