Adani v/s Ambani गौतम अडानी ने कुछ ही सालों मे अम्बानी को दी पटखनी.

Adani Group v/s Reliance: देश के दो महारथियों की जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कभी कोई आगे निकल जाता है तो कभी कोई दूसरे को पछाड़ देता है। नंबर 1 की ये लड़ाई देश के दो दिग्गज Businesman मुकेश अंबानी (Ambani) और गौतम अडानी (Adani) के बीच चल रही है। आज गौतम अडानी फिर एक बार अपने Adani Group के साथ बाजी मार ले गए। यानी अडानी ग्रुप ने रिलायंस समूह को पीछे छोड़ दिया है।

Adani Group v/s Reliance

अंबानी की तुलना में अडानी की कंपनी का मार्केट कैप ज्यादा

मार्केट कैप के लिहाज से अडानी ग्रुप ने मुकेश अंबानी की Reliance इंडस्ट्रीज को पटखनी दे दी है। अब आपको हम इस प्रस्ताव में समझाते हैं कि पूरा माजरा क्या है। आज के कारोबारी सत्र में अडाणी की सात लिस्टेड कंपनियों का समूह मार्केट कैप ₹19.73 करोड़ है। ये सात कंपनियां Adani Power, Adani, Wilmar, Adani, Port, Adani, Total Gas, Adani Transmission, Adani Enterprises और अडानी ग्रीन एनर्जी है। वही रिलायंस ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹17.82 करोड़ ही रह गया है।

गौतम अडानी से ये करीब 2,00,000 करोड़ रुपए से पीछे चल रहे हैं। मुकेश अंबानी अब आपको मार्केट कैप की रैंकिंग से भी रूबरू करवा देती है। मार्केट कैप किसी भी कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयरों के मूल्य को बताती है। जैसे जैसे Share की खरीदारी और बिक्री होती है। वैसे वैसे कंपनी का मार्केट capitalization घटता या बढ़ता रहता है। इसके जरिए शेयर से मिलने वाले रिटर्न और शेयर से जुड़े जोखिम का अंदाजा लगाया जाता है तो देश की सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों में टाटा ग्रुप का नंबर पहला है। वहीं दूसरे नंबर पर अडानी ग्रुप की कंपनी है और वही अब तीसरे नंबर का मोर्चा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने संभाल रखा है।

अडानी ने अम्बानी को कैसे पीछे छोड़ दिया?

अब आपके लिए ये भी जानना जरूरी है कि ये हुआ कैसे। यानी अडानी ने ऐसा क्या कर दिया, जिससे रिलायंस जैसी 18 लाख करोड़ रुपए की कंपनी भी पीछे रह गई। तो आपको बता दें कि अडानी ग्रुप ने बीते कुछ सालों से अपने कारोबार को हर सेक्टर में फैला दिया है। यानी वो नई नई बिजनेस को पार कर रहे हैं। कुछ नए सेक्टर्स में अपनी पहुंच को बढ़ा रहे हैं। वहीं कुछ जगहों पर अपनी ही कंपनियों का विस्तार कर रहे हैं।

इस साल की बात करें तो अडानी पावर के शेयर ने 100 से 200 नहीं बल्कि 333 फीसदी की तेजी दिखाई है। अडानी टोटल गैस लिमिटेड के शेयर ने भी निवेशकों के पैसे को एक साल में डबल कर दिया है। यानी नाइंटी एक पर्सेंट का इसने रिटर्न दिया। अब आगे ये अडानी ग्रीन एनर्जी पर ये भी निवेशकों को 98 फीसदी का रिटर्न दे चुके अडानी ट्रांसमिशन का परफॉर्मेंस भी कुछ कम नहीं। इस शेयर ने निवेशकों को 160 फीसदी का रिटर्न दिया। कहानी बोल्ड इस कड़ी में पिछड़ती भी साबित जरूर हुई है।

बता दें अडानी ग्रुप ने अपनी शुरुआत पहले छोटे पैमाने पर ट्रांसमिशन रिन्यूवल एनर्जी, सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन जैसे कारोबार से की थी। आज इस कंपनी ने अपने कारोबार को देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचा दिया है। ऐसा कारोबार काफी बड़ा आकार ले चुका है। आज की डेट में अडानी ग्रुप ने शेल गैस में तो अपनी पकड़ बना ही ली है, लेकिन न बढ़ानी ग्रुप ने टेलीकॉम डेटा सेंटर, सोलर मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस रोड और ग्रीन बिजनेस में भी कदम रखना शुरू कर दिया है। जल्द ही अडानी इन सभी सेक्टर्स में महारथी बनकर उभरेंगे। एनालिस्ट्स भी अडानी ग्रुप पर अपना नजरिया बुलिश के हुए मार्केट पर अडानी ग्रुप की कंपनियों के क्रूज और फंडामेंटल्स पर भी मजबूत नजरिया रखे हुए।

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