2022 भारत में इलेक्ट्रिक कार सबको पीछे छोड़ रही, कार खरीदने पर सरकार भी देगी सब्सिडी.

भारत में इलेक्ट्रिक (Electric Vehicle) वाहनों का बाजार धीरे धीरे बढ़ते हुए अब लोगों में लोकप्रिय होने के लिए तैयार है। India Energy Storage Alliance की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक भारत में वाहनों की बिक्री में जोरदार इजाफा होगा। इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलाइंस का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल का बाजार 2022 से 2030 तक 49 फीसदी सालाना के हिसाब से बढ़ने की उम्मीद है।

इस ग्रोथ के असर से 2030 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1.7 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकती है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ईवी सेगमेंट की ग्रोथ की कई वजह हैं जिनमें शामिल हैं, पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में नई कंपनियों की एंट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल की तकनीक अपग्रेड होना और राज्य सरकारों से इन वाहनों की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी। जिन सबके असर से देश में इलेक्ट्रिक वीकल की डिमांड में बढ़ोतरी होना तय है।

इलेक्ट्रिक कार

भारत में आने वाले समय में बढ़ जाएंगे Electric Vehicle

भारत की Electric vehicle इंडस्ट्री में कोरोना के बाद तीसरी कंपनी नजर आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक टू व्हीलर सेगमेंट की घरेलू बाजार में कुल बिक्री में 50 फीसदी हिस्सेदारी है। 2021 से इलेक्ट्रिक टू वीलर की बिक्री 4.67 लाख यूनिट पर पहुंच गई है। इसके बाद ईवी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की बड़ी हिस्सेदारी रही है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड के साथ बैटरी की मांग में भी इजाफा होने की उम्मीद है।

इसकी वजह से ईवी के साथ बैटरी की कीमत में भी कमी आने की उम्मीद है। 2022 से 2030 के बीच बैटरी की सालाना डिमांड 41 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। भारत के Electric vehicle इकोसिस्टम में लेड एसिड बैटरी की हिस्सेदारी 81 फीसदी के करीब है। इसमें दुनिया की कई बड़ी कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए नई तकनीक पर काम कर रही हैं।

इसके असर से भारत में भी अगले कुछ वर्षों में ईवी का घरेलू प्रोडक्शन बढ़ने वाला है। कई राज्य सरकारों के साथ ही केंद्र सरकार से इलेक्ट्रिक वीइकल्स खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी भी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ाने में भरपूर मदद कर रही है।

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